Monthly Archives: November 2015

नाटक

लो निभाते जा रहे हैं, आज फिर किरदार को, कोई नकली न कहे, नाटक से अपने प्यार को   हाँ ये नाटक ही तो है, मानो बुरा ना बात का, हम तो सब कठपुतलियाँ, किस्सा है सारा हाथ का जो … Continue reading

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