Monthly Archives: April 2017

छुआ जो तूने

छुआ जो तू, ने मुझे यूँ, लागा कि ज्यूं, काँपा बदन         कोने में जो, सोई थी वो,         जागी है लो, फिर वो अगन सच है क्या ये, तुम हो मेरे, शाम ढले, घबराए मन   तन्हा थी मैं, वीरां थी … Continue reading

Posted in Uncategorized | Leave a comment