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एहसास पाएँ

रिश्ते निचोड़े, राहों को मोड़े गाने कुछ गायें, एहसास पाएँ खुद को झिंझोड़ें, कसमों को तोड़ें फिर गुनगुनाएँ, एहसास पाएँ           भूली सी यादों को, बचपन के वादों को,         टूटे इरादों को, फिर से बनाएँ         एहसास पाएँ   हँसते थे … Continue reading

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