Monthly Archives: June 2017

आरज़ू

है मेरी यह आरज़ू बैठी हो तू रूबरू कर रहे हम गुफ्तगू नज़रों में हो तू ही तू, आरज़ू, रूबरू, गुफ्तगू, तू ही तू है मेरी यह आरज़ू   ज़िंदगी के मोड पर, बोलो मिलोगी छोड़कर, दिल की डोरी, माँ … Continue reading

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