Monthly Archives: December 2017

क्यों है

अब अक्स भी मेरा लगे मेहमान सा क्यों है गर हमसफर है तू तो यूं अनजान सा क्यों है        क्यूँ पूछते हो तुम जवाब जानते हो जब        क्यूँ मार के कहो की तू बेजान सा क्यूँ है अपने … Continue reading

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