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बतानी है अभी

सोती यादों की शम्मा फिर से जलानी है अभी खुद से जो बात छुपाई थी बतानी है अभी   ज़िन्दगी भर, मैंने डर कर, ही लिए अपने कदम ज़ख़्म से पहले लगाया मैंने हर दम मरहम खर्च साँसे तो बहुत … Continue reading

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