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नज़र आता नहीं

हाथ में जो है वो मैं ढूँढूं तो क्यों पाता नहीं देखता तो हूँ तुझे पर तू नज़र आता नहीं   था अकेला ही भला, प्यारा मुझे था हर कोई भीड़ में हूँ अब मगर कोइ मुझे भाता नहीं   … Continue reading

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