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गनीमत है

मौत से डरते हो क्यूँ नासाज़ तबीययत है ज़िन्दगी जितनी मिली उतनी गनीमत है   शहर मे तेरे मुझे तो भीक भी मिलती नहीं भीक है या ये कदंबोसी की कीमत है   बच्चियों को भी ये गिद अब नोच … Continue reading

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