Category Archives: Hindi – Urdu

फ़ासले

फासलों के दरमियान खो गए हम तुम कहाँ कह रही खामोशियाँ जाएँ तो जाएँ अब कहाँ   साथ में थी, हाथ में थी, हर बात में थी जो खुशी हर इक रात में थी, रूठ क्यों वो गईं तेरी बाहे, … Continue reading

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कुछ

मुख़्तलिफ़ रिश्ते हैं , दिलचस्प हैं, बेजान कुछ थके हारे भी हैं, वाक़िफ भी हैं, अ‍नजान कुछ   कैसे  उम्मीद  करूं  उनसे मैं अपनों पै रहम हम सभी में  छुपे बैठे हैं जब हैवान कुछ   चंद सिक्कों के लिये … Continue reading

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सूना सूना दिन

 सूना सूना दिन, सूनी रात आई रे, मोरे कोरे होठों, पे न बात आई रे। भारी पलकें, हल्के-हल्के, ख्वाब देखे हैं, चढ़ती रात पे शाम भी कुछ धूप फेंके है, शाम फिर हारी, फिर से रात आई रे। मन की … Continue reading

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ज़िंदगी की धूप

ज़िंदगी की धूप में जलते रहेंगे कब तलक मोम का है जिस्म पिघलते रहेंगे कब तलक   छोड़ कर मुझको मेरे लौटे सभी वापस वहीं ऐसे वीराने में अब चलते रहेंगे कब तलक   काश उनसे मुदत्तों पहले कहा होता … Continue reading

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नाटक

लो निभाते जा रहे हैं, आज फिर किरदार को, कोई नकली न कहे, नाटक से अपने प्यार को   हाँ ये नाटक ही तो है, मानो बुरा ना बात का, हम तो सब कठपुतलियाँ, किस्सा है सारा हाथ का जो … Continue reading

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रास्ते

ढूंढते थे जिसे हम खुद गुमे, लेके हमको वहीं पे आ गए रास्ते, रास्ते, रास्ते, रास्ते, रास्ते, रास्ते, रास्ते कौन सा था शहर ये न थी खबर घर के हम हर कहर से थे बेखबर हाथ थामे हमे ये ले … Continue reading

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